मकरप्राप्त भाष्करस्य तेज:
मकरप्राप्त भाष्करस्य यथा तेज: वर्धते।
तथा भवतां तेज: वर्धते इति कामये।।
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जिस प्रकार मकर राशि में प्रवेश करते हीं भगवान सूर्यदेव का तेज बढ़ता हीं जाता है उसी प्रकार आपके तेज(आरोग्य, बल,धैर्य,शील क्षमता,यश,कीर्ति एवं शौर्य) में भी उत्तरोत्तर वृद्धि हो,ऐसी कामना है.
~राजीव रंजन प्रभाकर.
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