घर
यह सिर्फ दो अक्षरों का शब्द सुनते ही मन-मस्तिष्क में एक अनुपम अनुभूति उत्पन्न कर देता है. अंग्रेजी इसे House न कहकर Home कहना उस अनुभूति का बोध कराता है. घर का महत्व जितना घर से बाहर जाने में नहीं है उससे कई गुना ज्यादा व्यक्ति के लिए बाहर से घर आने में है. *** चाहे पशु हो, पक्षी हो, आदमी हो; घर सभी को चाहिए. चाहिए तो चाहिए.पशु के लिए यह घर मांद हो सकता है, पहाड़ की कंदरा हो सकती है, गुफा हो सकता है. पक्षी के लिए घोंसला उसका घर है और सांप के लिए उसका बिल. बन्दर के लिए पेड़ की डाली हीं उसका घर के रूप में आश्रय है. *** घर का महत्व सापेक्षिक भी है. यदि आप काम के सिलसिले में अपना शहर या गांव का घर छोड़ कर किसी किराये के मकान को आशियाना बनाए हुए हैं तो उस परिस्थिति के अधीन वह किराया का मकान हीं जब तक ऐसी परिस्थिति बनी रहती है वह आपका घर है. यदि आप दो-चार दिनों के लिए ...