नारायणस्मरणस्त्रोत

नारायणस्मरणस्त्रोत.
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१.नारायण पादपंकजम्।
नमाम्यहम् नमाम्यहम्।।
२.लोक वेद रक्षकम्।
नमाम्यहम् नमाम्यहम्।।
३.चित्तशुद्धि कारकम्।
नमाम्यहम् नमाम्यहम्।‌
४.संसारतापशमनकारणम्।
नमाम्यहम् नमाम्यहम्।।
५.सुखसमृद्धिकारकम्।
 नमाम्यहम् नमाम्यहम्।।
६.हरस्वामीसखासेवकम्।
  नमाम्यहम् नमाम्यहम्।।
७.रामरामेतिमंत्रमुच्चरण्।
कदा सुखी भवाम्यहम्।।
         नारायण पादपंकजम्।
         नमाम्यहम् नमाम्यहम्।‌।
                     (स्वरचित)
             ~राजीव रंजन प्रभाकर
***
१.श्रीमन्नारायण के पदकमल को 
मैं प्रणाम करता हूॅं, मैं प्रणाम करता हूॅं.
२.लोक और वेद के रक्षक को 
मैं प्रणाम करता हूॅं, में प्रणाम करता हूॅं.
३.चित् के शुद्धिकर्ता को 
मैं प्रणाम करता हूॅं, मैं प्रणाम करता हूॅं.
४.संसार-ताप के शमनकारण को 
मैं प्रणाम करता हूॅं, मैं प्रणाम करता हूॅं.
५.सुखसमृद्धि के कारक को 
मैं प्रणाम करता हूॅं,मैं प्रणाम करता हूॅं.
६.शिव के स्वामी सखा और सेवक को 
मैं प्रणाम करता हूॅं, मैं प्रणाम करता हूॅं.
७.राममंत्र को उच्चरण करता हुआ 
 मैं कब सुखी होउॅंगा?
     श्रीमन्नारायण के पदकमल को 
मैं प्रणाम करता हूॅं, मैं प्रणाम करता हूॅं 
         
               राजीव रंजन प्रभाकर. 
                 १७.१२.२०२५.

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