राम नाम खेती की तैयारी
मनवाॅं कर ले तू राम नाम खेती की तैयारी.
१.इस खेती में लागत कुछ ना
उपज होत है बड़ी भारी
इस खेती का मोल अमोल है न कोई जमींदार की बटाईदारी
मनवाॅं कर ले तू राम नाम खेती की तैयारी.
२.इस खेती में न कोई जुताई न कोई निराई और गुड़ाई
न कोई हल-बैल न हिं ट्रैक्टर न कोई सिंचाई
मनवाॅं कर ले तू राम नाम खेती की तैयारी.
३.इस खेती में न कोई ईति भीति न कोई पहरेदारी
न कोई चिरौरी खाद-बीजन खातिर साहिबन के और न उन कर खातिरदारी
मनवाॅं कर ले तूॅं राम नाम खेती की तैयारी.
४.इस खेती में न फिकिर बिक्री के
न कोई दाही जारी और न केकरो देनदारी
मनवाॅं कर ले तूॅं राम नाम खेती की तैयारी
५.रामनाम बीज छींटता जा साॅंस से
है ये परम कल्याणकारी
साधो!इसी में छिपी है गती तुम्हारी
मनवाॅं कर ले तूॅं राम नाम खेती की तैयारी.
(स्वरचित)
~राजीव रंजन प्रभाकर
दाही-जारी--बाढ़ और सूखा
ईति भीति- ये शास्त्र में छ: बताए गए हैं-
*अधिक जल बरसना, न बरसना, चूहों का उत्पात, टिड्डियाॅं, तोते और दूसरे राजा की चढ़ाई-खेतों में बाधा डालने वाले इन छः उपद्रवों को 'ईति' कहते हैं और इससे उत्पन्न भय को ईति भीति कहा जाता है.
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