चलू जिलेबी छानै छी, नै मैदा से तऽ गप्पे से

काल्हि स्वतंत्रता दिवस पर जाहिं-ताहि सब ठाम जिलेबिए छनैत दृश्य देख कऽ जे भाव उपजल तकरे कलमबद्ध केनै छी.
नीक लागल ते कहब.
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चलू जिलेबी छानै छी
                       नै मैदा से तऽ गप्पे से
              आऽ नै किछु ते अन्ताक्षरिये से 
              तहू से नै ते किछु गीते-नाद से 
चलू जिलेबी छानै छी 
नै मैदा से तऽ गप्पे से 
                 ***
चलू जिलेबी छानै छी 
           नै चासनी से ते मधुर बोलिए से 
          आऽ नै किछु ते मधुर मुसकिए से 
           तहू से नै ते किछु नैन-बोलिए से 
चलू जिलेबी छानै छी 
नै मैदा से तऽ गप्पे से 
                   ***
चलू जिलेबी छानै छी 
                नै छनौटा से ते पनबट्टे से 
           आऽ नै किछु ते दू कप चाइए से 
       तहू से नै ते किछु दू टूक सुपारिए से                 
चलू जिलेबी छानै छी 
नै मैदा से तऽ गप्पे से 
                   *** 
चलू जिलेबी छानै छी 
         नै कराह पर ते दुआरे पर 
 आऽ नै किछु ते यार कका'क दलाने पर 
 तहू से नै ते किछु गाछी'क मचाने पर 

चलू जिलेबी छानै छी 
नै मैदा से तऽ गप्पे से 
              गप्पाकांछी
            ~राजीव रंजन प्रभाकर

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