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Showing posts from October, 2026

ज्ञानी कौन और मूढ़ कौन?

ज्ञानी कौन और मूढ़ कौन? इस संसार में न कोई सदा ज्ञानी रहता है और न सदा मूढ़। सुख-दुःख, परिस्थिति, संगति और समय के प्रभाव से मनुष्य के विचार और मनोभाव निरन्तर बदलते रहते हैं। सम्भव है कि जो व्यक्ति किसी समय अत्यन्त विवेकपूर्ण दिखाई दे, वही किसी दूसरी परिस्थिति में ऐसा निर्णय कर बैठे जिसे देखकर उसके अपने विवेक पर भी आश्चर्य हो। गोस्वामी तुलसीदासजी ने भगवान शिव के मुख से इसी भाव को कितनी सहजता से व्यक्त कराया है— बोले बिहसि महेस तब ग्यानी मूढ़ न कोइ। जेहि जस रघुपति करहिं जब सो तस तेहि छन होइ॥ अर्थात् मनुष्य की किसी एक समय की अवस्था को देखकर उसे सदा के लिए ज्ञानी या मूढ़ मान लेना उचित नहीं। जिस क्षण जैसी ईश्वरीय प्रेरणा और जैसी परिस्थिति होती है, मनुष्य उसी के अनुरूप आचरण करता है। अपने को ज्ञानी मान लेने के बाद भी मनुष्य से भूल हो सकती है। नारद जैसे मुनि भी मोहग्रस्त हुए हैं। इसका अर्थ यह नहीं कि उनका ज्ञान मिथ्या था, बल्कि यह कि ज्ञान का होना और प्रत्येक क्षण उसी ज्ञान के अनुरूप व्यवहार कर पाना—दो अलग बातें हैं। विवेक होते हुए भी कभी-कभी मनुष्य उस विवेक को पीछे छोड़ देता है और मोह, कामना,...

युद्ध

युद्ध युद्ध सदैव दो पक्षों के बीच होता है। इसके मूल में धन, सम्पत्ति एवं स्त्री पर स्वामित्व स्थापित करने अथवा किसी अन्य प्रकार का प्रभुत्व जिसमें वैचारिक एवं धार्मिक वर्चस्व स्थापित करने की इच्छा से उत्पन्न संघर्ष भी हो सकता है। यही संघर्ष जब हिंसक रूप धारण कर लेता है, तब युद्ध का रूप ले लेता है। वैसे युद्ध प्रायः दो परस्पर संघर्षरत पक्षों के बीच शक्ति-संघर्ष को ही कहा जाता है। युद्ध में एक पक्ष जो स्वयं को सबल समझता है, वही प्रायः आक्रमण करता है; किन्तु निर्बल या अपेक्षाकृत कम सबल पक्ष भी स्वयं को आहत समझने की स्थिति में प्रतिकार करता है। कभी-कभी विवश होकर किया गया प्रतिकार भी युद्ध का रूप ले लेता है। अतः वास्तविक शक्ति-सम्पन्न पक्ष अपना प्रभुत्व स्थापित करने की मंशा से हो या कोई पक्ष अपने अस्तित्व अथवा अधिकार की रक्षा के लिए—युद्ध में अन्ततः दोनों पक्षों की शक्ति की परीक्षा होती है। यद्यपि युद्ध में किसकी जय होगी और किसकी पराजय—इसका अनुमान ठीक-ठीक पहले से नहीं लगाया जा सकता। इस स्थिति में भी यह निश्चित नहीं किया जा सकता कि कौन पक्ष सबल है और कौन कम बलवान; क्योंकि युद्ध की परिणति भी ...

लाल बहादुर शास्त्री महाभागस्य विराट व्यक्तित्वमधिकृत्य

अद्य अक्तूबर-मासस्य द्वितीया तिथिः अस्ति। अद्यैव भारतवर्षस्य यशस्विनः महापुरुषस्य लालबहादुरशास्त्री-महाभागस्य जन्म अभवत्। बाल्यकाले तस्य माता-पिता-परिजनाश्च तं ‘नन्हें’ इति नाम्ना आह्वयन्ति स्म। सः भारतस्य द्वितीयः प्रधानमन्त्री आसीत्। प्रधानमन्त्रीपदस्य अपेक्षया अपि तस्य सार्वजनिकजीवने शुचिता लोकनिष्ठा च अधिकं महत्त्वपूर्णे आस्ताम्। यदा १९६५ ख्रीष्टाब्दे पाकिस्तानदेशः भारतम् प्रति आक्रमणम् अकरोत्, तदा शास्त्रीमहाभागः प्रधानमन्त्री आसीत्। तस्य नीत्या नेतृत्वेन च पाकिस्तानस्य सेना पराजिता अभवत्, अपि च भारतस्य वीरसैनिकाः पाकिस्तानस्य क्षेत्रं लाहौरपर्यन्तं स्ववशे अकुर्वन्। पाकिस्तानदेशः ‘त्राहि-त्राहि’ इति अक्रन्दत् तथा सः ताशकन्द-सन्धिं कर्तुं विवशः अभवत्। अस्माकं देशे तत्समये अन्नाभावं दृष्ट्वा शास्त्रीजी देशस्य सैनिकानां कृषकाणां च मनोबलं वर्धयितुं ‘जय जवान–जय किसान’ इति ध्येयवाक्यम् अददात्। तस्य पारिवारिकं सार्वजनिकं जीवनं च अपि सरलम् आसीत्। एकदा कस्मिंश्चित् सम्मेलने भारतस्य प्रतिनिधिरूपेण नेहरू-महाभागेन शास्त्रीमहाभागः प्रेषितः। किन्तु तत्र गमनस्य विषये शास्त्रीमहाभागः किंचित् असमञ...

Success Is a Process

Success Is a Process When you decide to start a new enterprise or project, or to undertake anything of value, your mind is full of energy, enthusiasm and planning. But it is a different matter when it comes to execution. The path to execution is often full of difficulties and hurdles that you may not have foreseen before. Most people get affected by such difficulties or hurdles. They leave their plan halfway through and move towards something else. But that, too, may not bear any result or fruit. As a result, the person becomes frustrated as he finds himself in a situation that always eludes success. So, then, I have a word of advice: don't expect success at once. Develop the habit of remaining consistent in whatever you do. Success does not come so easily. It requires perseverance and a consistent approach. In everything you do, enjoy the process. Find out the gaps in the process and study them. The study of those gaps will reveal the clues to move ahead with a better vision. Afte...