श्रीराम के चरणारविन्द को तकिया समझ कर सोइए

श्रीराम के चरणारविन्द को तकिया समझ कर सोइए 
समस्त चिंता फिकिर को सपने में धूल चाटते देखिए 
उनके दया के मौध का ठोपे ठोप अनुपान करते रहिए
समस्त आधि-व्याधि रोगादि के ठोंठ को मोके रखिए
उन्हीं के कृपा प्रसाद का भोजन पकवान पाते रहिए
जीवन रूपी तन-मन को हृष्ट एवं पुष्ट बनाए रखिए
उन्हीं के कृपा कटाक्ष का कोट हमेशा पहने रहिए
जग के समस्त ऐशन-फैशन को दाॅंत चियारे देखिए 
उन्हीं के दरबार का जीवन भर मामूली चाकरी करते रहिए 
अनुमान से बहुत बेसी वेतन-भत्ता उनके हाथ से पाते रहिए
                           ~राजीव रंजन प्रभाकर. 
                                 ०३.१०.२०२५.

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