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Showing posts from July, 2025

महादेव स्तुति.

यस्य स्मरणमात्रेण दृश्यते जगत् हस्तामलकसम। नमाम्यहम् तम् महायोगी अजमनादिम् महेश्वरम्।। (जिसके स्मरण मात्र से सम्पूर्ण जगत हथेली पर रखे ऑंवले के बराबर दिखता है उस अनादि,अजन्मा एवं महायोगी महेश्वर को मैं प्रणाम करता हूॅं.)                     ***** यस्य वामांके विभाति अन्नपूर्णा मातापार्वती। नमाम्यहम् तम् आशुतोष: त्र्यंबक: महेश्वम्।। (जिनके वाम भाग में अन्नपूर्णा माता पार्वती शोभित हो रही हैं उन आशुतोष त्रिनेत्र सम्पन्न महेश्वर को मैं प्रणाम करता हूॅं.)                     ***** यस्य भाले शोभते मयंकश्च गंगा त्रिपथगामिनी। नमाम्यहम् तम् भुजंगभूषित सर्वलोकमहेश्वरम्।। (जिनके मस्तक पर चंद्रमा और त्रिपथगामिनी गंगा शोभायमान है उन भुजंगाभूषण से भूषित सर्वलोक महेश्वर को मैं प्रणाम करता हूॅं.)                      ***** यस्य रामभद्रास्ति एकमात्र स्वामी सखा सेवक: नमाम्यहम् तम् विश्वनाथं उमापति महेश्वरम्।। (जिनके श्रीराम स्वामी सखा और सेवक एक साथ त...

रावण का बेटा प्रहस्त

रावण के अनेक पुत्र थे. उनमें उसके दो पुत्र मेघनाद तथा अक्षय कुमार के बारे में प्रायः सभी लोग जानते हैं. मेघनाद उसका ज्येष्ठ पुत्र था जो अपने पिता के समान हीं अत्यंत मायावी एवं अतुलित बलशाली था. परम मायावी तथा अतुलित बलशाली होने के साथ-साथ मेघनाद अपने पिता का परम आज्ञाकारी भी था. रावण की जो भी आज्ञा होती उसे वह ऑंख मूंद कर पालन करता था. यही कारण था कि वह अपने पिता का परम प्रिय पुत्र था.  अक्षय कुमार भी अपने ज्येष्ठ भ्राता के समान हीं बलवान और पितृभक्त था.           जहाॅं युद्ध में मेघनाद का वध रामानुज लक्ष्मण के हाथों हुआ अक्षय कुमार हनुमान के हाथों युद्ध से पहले हीं मारा गया.  ******************************************************* उपरोक्त दोनों पुत्रों के अतिरिक्त रामचरितमानस में रावण के जिस एक अन्य पुत्र की चर्चा हुई है, उसका नाम प्रहस्त है.  प्रहस्त उचित वक्ता था. वह ठकुरसुहाती करना नहीं जानता था. यह अनुभव की बात है कि जो सत्य बोलता है वह किसी का प्रिय नहीं होता है. सत्ता को तो बिल्कुल नहीं.  सत्ता को स्तुति प्रिय है.सत्ता का यह सहज य...